initial parenting
Parenting क्या है?

Parenting यानी कि parents द्वारा अपने बच्चों की, की गई परवरिश। आजकल parents काफी सारे parenting से related issues को face कर रहे हैं।

एक अच्छी परवरिश बच्चे को सफल ,smart, confident और बेहतर जिंदगी देने में help कर सकती है।

Parenting इसके बिना किसी भी बच्चे का विकास अधूरा होता है

Parenting उस कला का नाम है जिसमें आप बच्चे की सेहत से लेकर उसकी सुरक्षा का ध्यान रखते हैं, साथ ही आप उन्हें एक responsible ,well-cultured और matured person बनाते हैं।

गर्भावस्था के दौरान की Parenting

Actually तो बच्चों की परवरिश मां के गर्भावस्था के दौरान होनी शुरू हो जाती है ।भारतीय संस्कृति के अनुसार गर्भावस्था के दौरान ही शिशु को अच्छी शिक्षा देने शुरू कर देनी चाहिए।

हमने सुना होगा महाभारत में भी अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु ने मां के गर्भ में ही युद्ध की नीतियां सीख ली थी।

इसलिए कहते हैं कि गर्भावस्था के दौरान मां को अच्छा संगीत सुनना चाहिए, प्रेरणादायक किताबें पढ़नी चाहिए, योग व ध्यान करना चाहिए , motivational stories देखनी चाहिए ,जिससे कि यह positive संस्कार आने वाले बच्चे में भी positivity create कर सके।

शिशुओं की parenting

विशेषज्ञों के अनुसार 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को infants कहा जाता है। इस दौरान बच्चे ज्यादातर behaviour घर और अपने परिवार के सदस्यों के माहौल से सीखते हैं ।बच्चे इस उम्र में बहुत तेजी से चीजों को सीखते हैं।

इस दौरान बच्चे पूरी तरह से घर पर होते हैं खासकर 3 साल तक ,तो parents को चाहिए कि वे बच्चों के साथ वक्त बिताएं, उनके साथ खेले और उन्हें अपनापन दें ताकि बच्चे mentally और physically strong बन सके।

Healthy Parenting Habits

 Parents को बच्चों को अच्छा व्यवहार और आदतों को सिखाना चाहिए क्योंकि इस उम्र में बच्चे जो भी सीखते हैं वह उन सब बातों को पूरी तरह से गांठ बांध लेते हैं ।

इसलिए हो सके वहां तक parents पूरा ध्यान रखें कि बच्चों के सामने उनका व्यवहार बहुत ही अच्छा हो क्योंकि बच्चे parents को देखकर ही सीखते हैं। ध्यान दें इसलिए 5 साल तक के बच्चों को जो भी आदतें parents सिखाना चाहते हैं वे सारी चीजें parents खुद भी करें, जैसे कि-:

* उनके सवालों के जवाब दे

*खाने से पहले  handwash करें 

*रात को सोने से पहले brush करना

* सुबह जल्दी उठना 

*कचरा  dustbin में डालना 

*Thankyou बोलना 

*Sorry बोलना

Negative Parenting

अब इसके विपरीत अगर बच्चा parents को कुछ गलत करते हुए या बोलते हुए देखता हैं तो उसे ही follow करता हैं ।अच्छा हो या बुरा parents बच्चों के लिए role model होते हैं ।

जैसे parents अगर argument करते हैं ,तो बच्चे भी argumentative बन जाते हैं। अगर parents गाली-गलौच करते हैं ,तो बच्चे भी bad words बोलना सीख जाते हैं। बच्चे सही गलत के अंतर को नहीं समझते। वे तो सिर्फ अपने parents को follow करना जानते हैं। 

 Initial Parenting

तो ऐसे parents जीनके बच्चे 5 साल तक के हैं ,उन्हें alert रहकर बच्चों को सही समझ और व्यवहार सिखाना चाहिए।

Motivational vedios और कहानियां दिखानी चाहिए, जिससे बच्चा अच्छी आदतों को ग्रहण कर सकें। 

अगर parents 5 साल तक अपने बच्चों में सही समझ, व्यवहार और discipline create करने में सफल हो जाते हैं, तो उनके लिए आगे की parenting बहुत ही आसान हो जाती है।

 जैसे किसी नए business को success करने में शुरुआत में मेहनत जरूरी है, फिर अपने आप ही धीरे-धीरे business सफलता की ओर आगे बढ़ने लगता है।

उसी तरह से parenting को success करने में भी parents को बच्चे के ऊपर शुरुआत के 5 साल मेहनत करनी जरूरी होती है ,फिर अपने आप ही बच्चा अच्छी आदतों को ग्रहण कर लेता है और उन आदतों के साथ आगे बढ़ने लगता है।

Conclusion:-

कहते हैं ना कि अगर नींव मजबूत हो तो बड़ी से बड़ी आंधी तूफान भी इमारत को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।

उसी तरह से यदि parents की parenting की नींव मजबूत होगी तो बच्चे सही-गलत को समझ पाएंगे और आगे की उनकी जिंदगी बहुत ही खुशनुमा बन जाएगी।

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मैं हूं अंजली विराट और मेरा उद्देश्य है ज्यादा से ज्यादा parents की parenting से related problems को solve करना और उनकी जिंदगी में खुशियां लाना ।

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